Will Pappu Yadav agree to Congress and withdraw his nomination from Purnia Today is the last date for withdrawal of nominations

Will Pappu Yadav agree to Congress and withdraw his nomination from Purnia Today is the last date for withdrawal of nominations


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लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए नामांकन वापसी की आज आखिरी तारीख है। ऐसे में सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है। कि क्या पप्पू यादव पूर्णिया से पर्चा वापस लेंगे। क्योंकि उन्होने कांग्रेस के खिलाफ जाकर पूर्णिया लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया। और ये भी बात कही कि वो कांग्रेस से समर्थन से चुनाव लड़ेंगे। जबकि बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह उन्हें चेतावनी दे चुके हैं कि पप्पू यादव समय रहते अपना नामांकन वापल ले लें।

अखिलेश कह चुके हैं कि कांग्रेस आलाकमान किसी को भी यह इजाजत नहीं देता है कि पार्टी से कोई निर्दलीय नामांकन करे।  पप्पू यादव को यही सलाह है कि अभी भी नाम वापस लेने का समय बचा हुआ है। तो आज इस बात का फैसला हो जाएगा कि पप्पू यादव कांग्रेस के इस चेतावनी को गंभीरता से लेंगे या फिर अपनी जिद पर अड़े रहेंगे और नोमिनेशन वापस नहीं लेंगे। 

दरअसल महागठबंधन के बीच हुए सीट बंटवारे में पूर्णिया की सीट लालू यादव की आरजेडी के खाते में गई है। और राजद प्रत्याशी बीमा भारती इस सीट से महगठबंधन की प्रत्याशी है। वहीं सीट शेयरिंग से पहले ही पप्पू यादव पूर्णिया पर अपना दावा ठोंकते आए हैं। उन्होने जिद पकड़ ली है, कि दुनिया छोड़ देंगे लेकिन पूर्णिया नहीं। दूसरे चरण की नामांकन की आखिरी तारीख 4 अप्रैल को अपने हजारों समर्थकों के साथ नामांकन दाखइल किया था। जिसके बाद महागठबंधन में गलत मैसेज गया था।

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वहीं कांग्रेस तो पप्पू यादव को चेतावनी भी दे चुकी है। लेकिन पप्पू यादव खुले तौर पर कह चुके हैं कि सबकुछ बर्दाश्त है, लेकिन पूर्णिया छोड़ना नहीं। नामांकन के दिन वो भावुक भी थे, और कहा था कि बीते कई दिनों से वो टॉर्चर हो रहे हैं। उन्होने कहा कि कांग्रेस का समर्थन है, फिर निर्दलीय चुनाव लड़ना पड़ा। मेरी राजनीतिक हत्या की साजिश की गई है। लेकिन मैं पूर्णिया से चुनाव लडूंगा और इंडिया गठबंधन को मजबूत करूंगा। 

आपको बता दें पप्पू यादव ने अपनी पार्टी जाप का कांग्रेस में विलय कर लिया है। दिल्ली में पप्पू यादव की कांग्रेस में जोरदार एंट्री कराई गई थी। वहीं इस मामले पर पप्पू यादव की पत्नी और कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रंजीता रंजन ने कहा कि उनके पति यानी पप्पू यादव बड़े नेता हैं, उनका हमारे साथ न होना दुखद है। वो पूर्णिया से तीन बार सांसद रह चुके हैं। ऐसे में वो अगर हमारे साथ होते तो अच्छा रहता।

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एक बिहार कांग्रेस पप्पू यादव पर नामांकन वापस लेने का प्रेशर बना रही है। तो वहीं दूसरी तरफ पप्पू यादव अपनी हठ पर अड़े हैं। ऐसे मे देखना होगा कि आज अगर पप्पू यादव पूर्णिया से पर्चा वापस नहीं लेते हैं, तो क्या उनके खिलाफ कांग्रेस कार्रवाई करेगी।  और अगर पप्पू पर एक्शन होता है, तो उनका क्या स्टैंड होगा। ये देखने वाली बात होगी। 

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