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वाई प्लस सुरक्षा वापस लिए जाने पर वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी भड़के हुए हैं। उन्होंने कहा है कि सुरक्षा देने या वापस लेने की एक प्रक्रिया होती है, लेकिन जिन्हें संविधान की परवाह नहीं, वह सभी संस्थाओं को जेब में रख चुके हैं। हम लोग इसी की लड़ाई लड़ रहे हैं। सहनी ने कहा कि मैं निषादों के लिए पिछले कई वर्षों से संघर्ष कर रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा। अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ना गुनाह है, तो फांसी पर लटका दीजिए। मरवा दीजिए।
इस बीच पीएम मोदी पर दिए गए बयान को लेकर सहनी ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को लेकर मैने कोई विवादास्पद बयान नहीं दिया था, लेकिन फिर भी अगर किसी को उस बयान से दुख पहुंचा हो, तो मैं खेद प्रकट करता हूं। उन्होंने कहा कि मेरे बयान को तोड़मरोड़ कर पेश कर दिया गया। दरअसल, वीआईपी प्रमुख ने एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक बयान दिया था, जिसके बाद सियासी घमासान मच गया। सहनी ने कहा था कि दस साल से पीएम मोदी क्या कर रहे थे, ताली बजा रहे थे।
धोखेबाज हैं मुकेश सहनी, मंत्री बनकर भी मल्लाहों के लिए कुछ नहीं किया; वीआईपी चीफ पर भड़के हरि सहनी
सहनी ने कहा कि भाजपा ने नवंबर में निषाद आरक्षण की बात की थी, लेकिन नीतीश कुमार के एनडीए में आने के बाद वह पीछे हट गई। उन्होंने कहा कि मैं गुलाम बनकर नहीं रह सकता, शुरू से संघर्ष करता रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा। लेकिन संघर्ष का रास्ता नहीं छोडूंगा।
