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लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार में महागठबंधन के प्रचार की कमान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने संभाल रखी है। पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी ने शुक्रवार को एक चुनावी रैली में कहा कि 30 दिन में उन्होंने 97 रैलियां कर लीं। उन्होंने हेलिकॉप्टर को ट्रैक्टर बना दिया है और उसे ब्लॉके-ब्लॉक उतार रहे हैं। तेजस्वी के धुआंधार प्रचार और दनादन रैलियों से विरोधियों की भी नींद उड़ी हुई है। वे एक दिन में तीन से चार तो कभी 6-7 सभाएं कर रहे हैं। बीते एक महीने में वे 97 रैलियां कर चुके हैं। यानी कि तीसरे चरण की वोटिंग से पहले वे जनसभाओं का शतक मार देंगे।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पूर्णिया से 3 अप्रैल को अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की थी। उस वक्त वे पूर्णिया से आरजेडी प्रत्याशी बीमा भारती के समर्थन में रैली की थी। इसके बाद वे गया, जमुई, नवादा, बेगूसराय, मधेपुरा, अररिया, मधुबनी, औरंगाबाद, खगड़िया, बांका, दरभंगा, उजियारपुर, वाल्मीकि नगर समेत अन्य कई सीटों पर दर्जनों रैलियां कर चुके हैं। कई सभाओं में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी भी तेजस्वी के साथ नजर आए।

बिहार में लोकसभा चुनाव के सभी सात चरणों में 1 मई तक वोटिंग होगी। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को हुआ, तब तक तेजस्वी यादव 46 सभा कर चुके थे। हाल ही में सहरसा जिले के सोनबरसा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि मेरे पास एक हेलिकॉप्टर है। उनके (एनडीए नेताओं के) पास 50 हेलिकॉप्टर है। मगर मेरा एक हेलिकॉप्टर उन सभी पर भारी है। हमने हेलिकॉप्टर को ट्रैक्टर बना दिया है।
दूसरी ओर, लगातार चुनावी जनसभाएं करने से तेजस्वी यादव की तबीयत भी बिगड़ने लगी है। अररिया के फारबिसगंज में शुक्रवार को चुनावी प्रचार के दौरान उनकी कमर में अचानक दर्द उठ गया। इसके बाद उन्हें पकड़कर मंच से कार तक लाया गया।
