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बिहार के सभी शिक्षकों को 25 जून से मोबाइल पर हाजिरी बनाने का आदेश हुआ। लेकिन पहले ही दिन महज 16 फीसदी ही शिक्षक ई-शिक्षा कोष मोबाइल एप पर अटेंडेंस लगा पाए। बाकियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, किसी का पासर्वड, किसी की आईडी, किसी के स्कूल की लोकेशन एप पर गलत दिखा रहा था। जिसके चलते ऑनलाइन हाजिरी नहीं लग सकी। अब इन तमाम खामियों को निपटाने ता आदेश दिया गया है।
बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपी) ने संबंधित एजेंसी को निर्देश दिया है कि 28 जून तक एप में आ रहीं दिक्कतों को दूर किया जाए। बीईपी ने एजेंसी को लिखे पत्र में कहा है कि मोबाइल एप ठीक से काम नहीं कर रहा है। लोकेशन की भी समस्या आ रही है।आपको बता दें राज्यभर में करीब 80 हजार शिक्षकों ने पहले दिन मंगलवार को ई-शिक्षाकोष मोबाइल एप के माध्यम से हाजिरी बनायी है। यह सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कुल संख्या करीब पांच लाख का महज 16 फीसदी है।
शिक्षा विभाग के पदाधिकारी बताते हैं कि इस संख्या में दिन-प्रतिदिन वृद्धि होगी। अगले कुछ दिनों में सभी शिक्षक इस तकनीक को पूरी तरह समझ लेंगे। इस माध्यम से हाजिरी बनाने में शिक्षकों को कोई दिक्कत नहीं आये, इसको लेकर विभाग में तकनीकी सहायता देने के लिए परियोजना प्रबंधन इकाई गठित की गयी है।
पहले दिन इस तकनीक से हाजिरी बनाने में सर्वर डाउन की समस्या आने की भी कई जिलों से सूचना विभाग को मिली है। अगले तीन महीने तक मोबाइल एप के साथ-साथ पूर्व की तरह उपस्थिति पंजी में भी शिक्षक हाजिरी बनाएंगे। ताकि, किसी तकनीकी कारण से मोबाइल एप से हाजिरी नहीं बनती है तो भी शिक्षकों को कोई परेशानी नहीं हो। इस तीन माह में इस व्यवस्था से हाजिरी बनाने में जो भी तकनीकी समस्याएं आएंगी, उसे विभाग के माध्यम से दूर किया जाएगा।
विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों को नयी हाजिरी प्रणाली को लेकर पहले ही विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया था। चूंकि शिक्षा विभाग सीधे इसकी निगरानी कर रहा है, इसलिए विभाग का मानना है कि शीघ्र ही मोबाइल एप के माध्यम से हाजिरी बनाने वाले शिक्षकों की संख्या में वृद्धि होगी।
