Caste census in country Bihar special status 5 ministers Nitish Kumar JDU going to bargain hard

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लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद किंगमेकर की भूमिका में आए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बीजेपी से तगड़ा मोलभाव करने वाली है। जेडीयू ने देश में जाति जनगणना कराने और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के साथ ही केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कम से कम पांच मंत्री पद की मांग की है। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार की केंद्रीय कैबिनेट में रेलवे, ग्रामीण विकास और जल संसाधन जैसे अहम मंत्रालयों पर नजर है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर बुलाई गई एनडीए की बैठक में हिस्सा लेने बुधवार को दिल्ली पहुंचे। 

लोकसभा चुनाव के मंगलवार को जारी हुए नतीजों में एनडीए को 292 सीटों पर जीत मिली। हालांकि, बीजेपी इस बार बहुमत के आंकड़े (272) से दूर रही और 240 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई। ऐसे में पीएम मोदी को देश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लिए अपने सहयोगी दलों का साथ जरूरी है। इस स्थिति में 12 सीटें जीतने वाली जेडीयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार का अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं।

जेडीयू के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिहार में विकास की बयार बहाने के लिए जेडीयू नेतृत्व केंद्रीय कैबिनेट में कुछ अहम मंत्रालय चाहता है। ताकि बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा सके। 

बिहार की तर्ज पर पूरे देश में जातिगत जनगणना कराना चाहते हैं नीतीश

जेडीयू के एक अन्य नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार की जाति गणना का मॉड्यूल पूरे देश में लागू करना चाहते हैं। जेडीयू केंद्र सरकार द्वारा देशभर में जाति जनगणना कराने पर जोर देने वाली है। ताकि गरीब और पिछड़े तबके के लोगों को मुख्य धारा में लाया जा सके। बता दें कि पिछले साल बिहार में जाति गणना की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का दायरा 75 फीसदी तक बढ़ा दिया गया। साथ ही नीतीश सरकार गरीब परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता करने की योजना भी लेकर आई।

जीत के मौके पर चौका मारने के मूड में जेडीयू, तुरंत विधानसभा चुनाव करा सकते हैं नीतीश

इसके अलावा जेडीयू के कुछ नेताओं ने सीएम नीतीश से बिहार में समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने की इच्छा भी जाहिर की है। ताकि लोकसभा चुनाव में मिली जीत को भुनाकर जेडीयू विधानसभा में भी अच्छी स्थिति में पहुंच सके। जेडीयू के बिहार में अभी 45 विधायक ही हैं, जबकि सहयोगी दल बीजेपी के 78 एमएलए हैं। 

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद एनडीए में मोलभाव की स्थिति में आई जेडीयू बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने पर जोर देने वाली है। जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर ने कहा कि बिहार के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए बड़ी मात्रा में फंड की जरूरत है। इसके चलते जेडीयू विशेष राज्य का दर्जा और केंद्र से बिहार के लिए बड़ा फंड चाहती है। 

 

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