बिहार में जन संवाद यात्रा निकालने से पहले पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बुधवार को पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) कार्यालय में बंद कमरे में बैठक की। इसमें आरजेडी के सांसद, विधायक समेत पूर्व प्रत्याशियों के साथ मंथन किया। खास बात यह है कि बैठक से मीडिया को दूर रखा गया, उन्हें अंदर आने की अनुमति नहीं दी गई। इससे सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया कि आरजेडी में सबकुछ ठीक तो चल रहा है?
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान का हमेशा ख्याल रखेगी। 10 सितंबर से शुरू हो रही जन संवाद यात्रा के दौरान वे जिले के सक्रिय कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें भी करेंगे। इसके लिए उन्होंने जिलों के पदाधिकारियों से पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान वे जिलों में पार्टी की स्थिति, स्थानीय समस्याओं और राजनीतिक हालात पर फीडबैक लेंगे। बैठक की अध्यक्षता आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने की। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
तेजस्वी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह पार्टी की बैठक है, यह तो चलती रहती है। इस दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर नीतीश सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन एनडीए सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। इन लोगों से कानून व्यवस्था नियंत्रित नहीं हो पा रही है।

बता दें कि तेजस्वी यादव की जन संवाद यात्रा का 10 सितंबर से आगाज होगा। पहले चरण में वे समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी समेत मिथिलांचल क्षेत्र का दौरा करेंगे। खास बात यह है कि इस दौरान उनके साथ कोई भी राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय नेता नहीं रहेगा। वे स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ही यात्रा करेंगे। बिहार में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में तेजस्वी की इस यात्रा के जरिए आरजेडी अपनी जमीन को मजबूत करने की कोशिश करेगी।
