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विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को 77वें जन्मदिन पर बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि न्याय और एकता के प्रतीक, गरीबों, शोषितों और वंचितों के लिए संघर्षशील, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जी के 77वें जन्मदिन के अवसर पर बधाई एवं शुभकामनाएँ। उन्होंने ईश्वर से यादव के दीर्घायु और स्वस्थ होने की कामना की। वहीं मुकेश सहनी ने तीसरी बार पीएम बनने पर नरेंद्र मोदी को शुभकामना नहीं दी और इसका कारण भी बताया।
लालू यादव को लेकर मुकश सहनी ने कहा कि मेरी इच्छा है कि लालू यादव बिहार के विकास में अभी महती भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि राजद प्रमुख के सामाजिक न्याय की लड़ाई हमसभी को संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। लालू यादव को अपना आदर्श बताते हुए सहनी ने कहा कि उन्होंने राजनीति जीवन मे भीमराव अंबेडकर के संदेशों को प्राथमिकता बनाई और उनके बताए रास्ते पर चलते रहे। वहीं वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने भी लालू यादव के जन्मदिन पर बधाई और शुभकामना दी है। देव ज्योति ने जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि लालू जी देश के सबसे बड़े लीडर हैं, उनका कोई मुक़ाबला नहीं है। आज देश का रेल मंत्रालय घाटे में चल रहा है लेकिन उन्होंने रेल को मुनाफा में लाकर खड़ा कर दिया था। उन्होंने लालू जी को सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाला अग्रणी योद्धा बताते हुए इनके दीर्घायु और स्वस्थ होने की कामना की है।

दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई देने के सवाल पर मुकेश सहनी ने कहा कि मैं उस प्रधानमंत्री को बधाई कैसे दूं जो रातों रात दूसरे की सरकार गिरा देते हैं और अपनी बना लेते हैं। जो भाईचारा और संविधान को समाप्त करने की सोच रखते हैं। मैं उस प्रधानमंत्री को बधाई कैसे दूं जिनकी पार्टी ने हमारे चार विधायकों को खरीद लिया।
दरअसल मुकेश सहनी का दर्द कुछ और है। लोकसभा चुनाव में उनकी इच्छा थी कि एनडीए में उनकी पार्टी को शामिल किया जाए। उन्होंने दिल्ली का भी दौरा किया लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने इसके लिए काफी मेहनत और इंतजार किया। दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने मुकेश सहनी को न सिर्फ इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनाया बल्कि अपने हिस्से की तीन लोकसभी सीटें भी दे दिया। लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी के साथ 200 से ज्यादा जनसभाओं को संबोधित कर मुकेश सहनी ने अपना कद दुरुस्त किया। हालांकि उनकी पार्टी सभी तीन सीटें हार गई।
