गंगा और सोन नदी से घिरा आरा बिहार के उन तीन लोकसभा क्षेत्रों में शामिल है, जिनमें सात विधानसभा आते हैं। सभी भोजपुर जिले में हैं। वीरों व शहीदों की यह धरती दर्शनीय स्थलों से समृद्ध है। आरण्य देवी शहर की अधिष्ठात्री देवी हैं। भोजपुर के धार्मिक स्थलों में सूर्य मंदिर, महथिन माई (बिहिया), बखोरापुर काली मंदिर, शाही मस्जिद, जैन सिद्धांत भवन आदि प्रमुख हैं। चावल-गेहूं यहां की मुख्य फसलें हैं। आलू और टमाटर के लिए यहां की भूमि बेहद उपजाऊ है।
1977 में अस्तित्व में आये आरा लोस में एनडीए और महागठबंधन में आमने-सामने की लड़ाई है। स्थानीय नेताओं से नाराजगी के बाद भी दोनों गठबंधनों को आधार वोट मिलता रहा है। क्षेत्र का विकास हुआ है, मतदाता यह स्वीकारते हैं। बावजूद वोट देने के अलग-अलग मुद्दे हैं। भाजपा के आरके सिंह व भाकपा माले के तरारी से विधायक सुदामा प्रसाद में मुकाबला है। एनडीए उम्मीदवार आरके सिंह के पास पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम नीतीश कुमार के नाम और काम की ताकत है।
वहीं, माले उम्मीदवार सुदामा प्रसाद बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर लोगों से बदलाव का आह्वान कर रहे हैं। संदेश विस में कुल्हड़िया के किसान अशोक सिंह कहते हैं कि अभी तक गांव में प्रत्याश्ी नहीं आये हैं। दिक्कत होने पर इनसे भेंट करना मुश्किल है। उनके साथ कुछ ग्रामीण और बैठे हैं सभी कहते हैं कि यहां टोल टैक्स से बचने के लिए गाड़ियां हमारे गांव होते हुए नासरीगंज की ओर जाती हैं, जिससे सड़कों की हालात बदतर हो गई है। सड़कें ठीक नहीं हो रही है। एनएच के उस पार जाने के लिए अंडर पास की मांग पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
आरा विस में मथवलिया के नन्हे कुमार कहते हैं-इस बार लड़ाई जोरदार है। जीत का अंतर बड़ा नहीं होगा। बताते हैं कि बरसात में गंगा का पानी खेत में फैल जाता है। अगिआंव में विस का उपचुनाव भी है। इसलिए, यहां के मतदाता दो-दो वोट करेंगे। धोबहा के किसान गजेंद्र कहते हैं कि नेता कोई भी हो सिर्फ वोट लेने आते हैं। उम्मीद है खेती के लिए बिजली कनेक्शन जल्द मिल जाएगा। बांध बनने से राहत मिल जाती। यहां के माले विधायक मनोज मंजिल को एक मामले में सजा होने पर सदस्यता चली गई है। उपचुनाव में माले के शिवप्रकाश रंजन और जदयू के पूर्व विधायक प्रभुनाथ प्रसाद के बीच लड़ाई है।
आरके सिंह
वर्ष 1975 बैच के आईएएस अफसर रहे आरके सिंह गृह सचिव रह चुके हैं। आरा संसदीय सीट से 2014 और 2019 में जीत चुके हैं। 2021 में उनके बेहतर काम को देखते हुए कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
सुदामा प्रसाद
फिलहाल आरा जिले के ही तरारी विधानसभा से भाकपा-माले के विधायक हैं। उन्होंने 2015 में पहली बार तरारी सीट पर जीत हासिल की। 2020 के विधानसभा चुनाव में दुबारा निर्वाचित हुए।
वर्ष 2014
नाम पार्टी मत मिले
आरके सिंह भाजपा 3.91 लाख
भगवान सिंह कुशवाहा राजद 2.55 लाख
वर्ष 2019
नाम पार्टी मत मिले
आरके सिंह भाजपा 5.66 लाख
राजू यादव माले 4.19 लाख
