IMD Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमानों में कहा गया है कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़, गुजरात समेत पूरे उत्तर और उत्तर पश्चिम भारत में टेम्परेचर का टॉर्चर जारी रहेगा, जबकि बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में अगले सात दिन हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है।
IMD के मुताबिक, इनके अलावा गोवा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल तटीय आंध्र प्रदेश, लक्षद्वीप और विदर्भ के इलाके में भी अगले सात दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, मौसमी परिस्थितियों में यह बदलाव दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवातीय दबाव) बनने की वजह से आया है।
IMD के मुताबिक, उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है, जबकि दूसरा साइक्लोनिक सर्कुलेशन तमिलनाडु के आंतरिक भाग पर बना हुआ है जो औसत समुद्र तल से 5.8 तक फैला हुआ है। इन दोनों सर्कुलेशन की वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश, दक्षिण बिहार और झारखंड होते हुए गंगीय पश्चिम बंगाल तक एक ट्रफ लाइन फैली हुई है। वहीं दूसरे सर्कुलेशन की वजह से महाराष्ट्र से लेकर कर्नाटक तट एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।
मौसम विभाग ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि अरब सागर में मालदीव के आसपास और बंगाल की खाड़ी में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के पास दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और ये अगले दो दिनों तक ऐसी ही बनी रहेंगी। इसकी वजह से मॉनसून के आगे बढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। IMD ने कहा है कि इसकी वजह से केरल के ऊपर और तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर क्षोभमंडल में एक नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन का क्षेत्र बन रहा है।
इस बीच, उत्तर भारत में लोग प्रचंड गर्मी से परेशान हैं। हरियाणा और दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के नजफगढ़ में तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो देश में सबसे अधिक है। राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा, जिससे दैनिक जनजीवन प्रभावित हुआ और अधिकतर लोग घरों के अंदर ही रहे।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक हरियाणा और दिल्ली के कई स्थानों पर ऊष्ण लहर से लेकर गंभीर ऊष्ण लहर की स्थिति रही। राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में और पंजाब, गुजरात व मध्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में ऊष्ण लहर की स्थिति देखी गई। IMD ने राष्ट्रीय राजधानी में हीट वेब से भीषण हीट वेब की स्थिति के कारण अगले पांच दिनों के लिए ‘रेड’ अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली में, चिलचिलाती गर्मी में बिजली की मांग भी मई में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर, दिल्ली के आंकड़ों से पता चला है कि सोमवार की दोपहर 3:33 बजे बिजली की अधिकतम मांग 7,572 मेगावाट थी। यह मई में दिल्ली में अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग थी। यह पिछले साल 22 अगस्त को दर्ज की गई अधिकतम बिजली मांग – 7,438 मेगावाट से भी अधिक है।
राष्ट्रीय राजधानी के आया नगर में अधिकतम तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक है। मौसम केंद्र ने 28 मई 1988 को 47.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया था, जो 1967 और 2024 के बीच सबसे अधिक था। दिल्ली के बेस स्टेशन सफदरजंग ने 29 मई, 1944 को उच्चतम अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था जो मौसम स्टेशन में दर्ज उच्चतम तापमान था। सफदरजंग बेस स्टेशन में 1931 से रिकॉर्ड रखा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित पालम स्टेशन पर 26 मई 1998 को अधिकतम तापमान 48.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पालम के पास 1956 से पहले के रिकॉर्ड हैं।
राजस्थान के गंगानगर में पारा 46.3 डिग्री, बाडमेर में 46.1 डिग्री, कोटा में 45.8 डिग्री, चुरू में 45.5 डिग्री और बीकानेर में 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।मध्य प्रदेश में, रतलाम और नौगोंग में अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके अलावा दतिया में 45.2 डिग्री, खजुराहो में 44.8 डिग्री और ग्वालियर में 44.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
हरियाणा में, सिरसा में अधिकतम तापमान 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बाद नूंह में 46.8 डिग्री, फरीदाबाद में 46.2 डिग्री, झज्जर में 45.9 डिग्री और भिवानी और नारनौल में 45.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
