Swati Maliwal case arrested Bibhav Kumar father Reaction says my son is innocent

Swati Maliwal case arrested Bibhav Kumar father Reaction says my son is innocent


ऐप पर पढ़ें

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल से कथित तौर पर मारपीट करने के मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए बिभव कुमार बिहार के रहने वाले हैं। बिभव का परिवार रोहतास जिले में कोचस के खुदरू गांव में रहता है। घटना के बाद उनके घर पर कोहराम मचा हुआ है। बिभव कुमार की गिरफ्तारी की खबर सुनने के बाद गांव में सब हैरान हैं। बिभव के पिता महेश्वर राय ने अपने बेटे को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा कि बिभव बीते 15 सालों से अरविंद केजरीवाल के साथ हैं। उनके बेटे का आचरण बहुत अच्छा है। गिरफ्तारी के पीछे की वजह राजनीति है। 

स्वाति मालीवाल केस से रोहतास जिले के दिनारा थाना इलाके में स्थित नरवर पंचायत का खुदरू गांव अचानक चर्चा में आ गया। बिभव कुमार के पिता बीएमपी में बतौर सिपाही काम कर चुके हैं। उन्होंने शनिवार को कहा कि बिभव ने बनारस के काशी हिंदू विश्वविद्यालय से पढ़ाई की। इसके बाद वह पत्रकारिता करने दिल्ली चले गए। इसी दौरान वह अरविंद केजरीवाल से संपर्क में आए और बाद में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर वह मुख्यमंत्री के आप्त सचिव बन गए। 

बिभव कुमार की गिरफ्तारी की खबर सुनने के बाद उनके पिता महेश्वर राय परेशान हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटे से मोबाइल फोन पर बात हुई। विभव ने उन्हें बताया कि स्वाति मालीवाल बेवजह मुद्दा बना रही हैं। बिभव ने उनसे सीएम से मिलने के लिए थोड़ी देर इंतजार करने के लिए कहा था। लेकिन उन पर गंभीर आरोप लगा दिए। गांव के लोगों का कहना है कि दो भाइयों में सबसे बड़ा विभव काफी मिलनसार रहा। पिछले कई सालों से वह गांव में नहीं है। लेकिन उनके परिवार का सबसे अच्छा संबंध है।

स्वाति मालीवाल केस में बुरे फंसे बिभव कुमार, कोर्ट से नहीं मिली राहत

गांव के पूर्व मुखिया लाल साहब यादव ने भी विभव को निर्दोष बताते हुए कहा कि उनका परिवार सामाजिक रहा है। अगर आज चुनाव नहीं हुआ होता तो ऐसा कुछ नहीं होता। उनका परिवार हमेशा गरीबों के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि वह गारंटी देते हैं कि विभव आपराधिक चरित्र के व्यक्ति नहीं हैं। यह केवल राजनीति के लिए हो रहा है।

बिभव के पिता ने बताया कि उनका बेटा पढ़ने में होनहार रहा है। कुछ दिनों तक उसने दिल्ली में पकारिता भी की और फिर अरविंद केजरीवाल के साथ आंदोलन में शामिल हो गए। इसके बाद वह लगातार संघर्ष करते रहे। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *