बिहार के अरवल जिले में सीपीआई माले के नेता सुनील चंद्रवंशी की हत्या की जिम्मेदारी नक्सली संगठन सीपीआई माओवादी ने ली है। बताया जा रहा रहा कि करपी प्रखंड के छक्कन बिगहा गांव निवासी माले नेता की पुलिस मुखबिरी के शक में हत्या कर दी गई। माओवादियों ने इमामगंज एवं अन्य जगहों पर हाथ से लिखे हुए पर्चे चिपकाकर हत्या की जिम्मेदारी ली है। उत्तरी एरिया कोर कमिटी के हवाले से संगठन के लेटर पैड पर हाथ से लिखा गया पर्चा चिपकाया गया। बुधवार सुबह पर्चा मिलने पर सनसनी फैल गई।
पर्चा साटे जाने की सूचना मिलते ही इमामगंज थाने की पुलिस मौके को पहुंची। पुलिस ने पर्चे को जब्त कर लिया और इस संबंध में केस दर्ज किया गया है। इस पर्चे में हत्याकांड की जिम्मेदारी लेते हुए कहा गया है कि सुनील चंद्रवंशी उर्फ दिनकर की हत्या अपराधियों एवं गुंडा तत्वों के द्वारा नहीं बल्कि भाकपा माओवादी के द्वारा की गई है। नक्सली संगठन के द्वारा आरोप लगाते हुए कहा गया है कि सुनील ने पुलिस की मुखबिरी करते हुए इमामगंज लोदीपुर निवासी लालदेव महतो के खलिहान में रखे सात हथियारों को पकड़वाया था। इससे नक्सली संगठन को काफी नुकसान उठाना पड़ा था।
पर्चे में आरोप लगाया गया कि माले नेता ने पार्टी फंड के 32 लाख रुपये का उपयोग निजी संपत्ति बनाने में किया था। पार्टी के द्वारा गदोपुर गांव समेत अन्य जगहों पर जब्त की गई जमीन को पैसा लेकर बेचवाने का काम किया गया था। पार्टी के हथियारों को गुंडा, चोर और दलालों को देकर संगठन को बर्बाद करने में भूमिका निभाई गई। इन सभी आरोपों के बाद पार्टी के द्वारा सुनील चंद्रवंशी को सरेंडर करने की चेतावनी दी गई थी। लेकिन उन्होंने सरेंडर नहीं किया जिस कारण मजबूरन उनकी करनी पड़ी।
बता दें कि किंजर थाना क्षेत्र के इमामगंज निजी राइस मिल के पास 9 सितंबर की शाम 7 बजे सुनील चंद्रवंशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद सीपीआई माले के द्वारा बुधवार को अरवल बंद बुलाया गया और बिहार के विभिन्न जिलों में विरोध मार्च भी निकाला गया।
